Hindi Shayari – awesome hindi shayari / kavita

Hindi Shayari  1 :

 Hindi Shayari:

ना बैर kiya किसी से कभी
ना ही kisi से कोई रंजिश रही
कितनी aasan, खुशमिजाज
कभी meri भी सक्षियत रही
चलते chalte जिंदगी में
बदलते halaato के संग
बदलती रही मैं khud को भी
होकर मुश्किलों से tang
छोड़ कर मासूमियत, bharosa
प्रेम और samman अपनों के लिए ही
दिल में शिकवे gile बोने लगी
वो बचपन ही सबसे pyara था
ना जाने क्यों मैं badi होने लगी
मासूम था man, लिए उम्मीदों का चमन
अपनों से durr रहने लगा
ना आता था कभी roothna जिसे
अब दुनिया के dastoor में ढलने लगा
अपनों के liye ही देखे थे सपने
sapno के लिए होने लगी अपनों से दूर
ना जाने buri हूं मैं या फिर एक मजबूर
मन कहता है अपनों के sang चल
पर सपनों से doori भी नहीं मंजूर

                                                                   -HIMANSHI YADAV 

Hindi Shayari

Shayari  2 :

  

Science और Arts में शुरू हुई बहस
लगाना है पता कि कौन है best
Science ने बड़े attutide में कहा
हैं history, geography बड़ी बेवफ़ा
रात को रटो सुबह हो जाती हैं सफा
Arts का भी फ़िर गुस्सा बढ़ा
कहा Science ने भी भला क्या है दिया
PCMB ने students की band बजाई
Maths और biology करते हैं लड़ाई
Physics की derivations नींद दिलाती हैं
Chemistry की reactions रटी नहीं जाती हैं
Maths में तो हमेशा ही रहता है डब्बा गुल
Always need more practice
चाहें करलो solve RD full
किस subjects को रटने में
Students रहते हैं इतना जादा busy
Since biology is also not easy
CS भी नहीं रहा कोई बच्चों का खेल
Output निकालने में दिमाग घूमें गोलमोल
Science औेर Arts को फिर याद किसी की आई
पहुंचे Commerce के पास दोनों करते हुऐ लड़ाई
यानी की अब Commerce की शामत आई
Now don’t think that you will take rest
Since you have to decide
which is the best..
science, commerce or arts

                                                            – HIMANSHI YADAV 

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